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गाजीपुर: सैदपुर में फोरलेन पर कार ने बाइक को मारी टक्कर, भाई-बहन गंभीर, मासूम बाल-बाल बचा

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गाजीपुर। सैदपुर थाना क्षेत्र के मदारीपुर स्थित गोरखपुर–वाराणसी फोरलेन पर बीती रात तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार तीन लोगों को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में भाई-बहन गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि साथ में मौजूद दुधमुंहा मासूम बाल-बाल बच गया। घायलों को तुरंत एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया।

जानकारी के अनुसार, कुसुम्हीं कला निवासी 28 वर्षीय अंजली गिरी, पत्नी करण गिरी, अपनी छोटी बहन के जन्मदिन कार्यक्रम में शामिल होने जा रही थीं। उन्हें लेने के लिए उनका चचेरा भाई 20 वर्षीय आशीष गिरी, पुत्र कमलेश गिरी निवासी गौरा, चौबेपुर बाइक से पहुंचा था। कार्यक्रम के बाद आशीष, अंजली और उनके 8 माह के बच्चे को बाइक से लेकर लौट रहा था।

जब वे मदारीपुर के पास फोरलेन पर पहुंचे, तभी पीछे से आ रही तेज रफ्तार कार ने बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में तीनों सड़क पर गिर पड़े। मौके पर राहगीरों ने तत्काल एंबुलेंस बुलाकर तीनों को सैदपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया।

डॉक्टरों ने आशीष और अंजली को सिर में गंभीर चोट की आशंका के चलते वाराणसी के लिए रेफर कर दिया। वहीं, मासूम बच्चे को हल्की चोटें आई हैं और उसकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि फोरलेन पर तेज रफ्तार वाहन चालक आए दिन दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं, लेकिन प्रशासन द्वारा स्पीड कंट्रोल या गश्त की ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। ग्रामीणों ने स्पीड ब्रेकर और चेतावनी संकेतक लगाने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

ब्यूरोचीफ – संजय यादव

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संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

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