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Varanasi: स्कूलों में बोर्ड परीक्षा की सुविधाओं की हकीकत परखेगी कमेटी, ऑनलाइन बनेंगे परीक्षा केंद्र

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Varanasi: माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से 2025 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं के लिए केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया चल रही है। इस बार भी ऑनलाइन ही केंद्र बनाए जाएंगे। सुविधाओं को लेकर शिक्षा विभाग की ओर से कमेटी बनाई गई है जो स्कूलों में जाकर 10 अक्तूबर तक सत्यापन करेगी। वाराणसी में इस बार बोर्सेंड परीक्क्षाओं के सेंटर की नई व्यवस्था की जा रही है। इस बार सेंटर आनलाइन भरे जाएंगे जिससे व्यवस्था निर्धारण में पारदर्शिता देखने को मिलेगी।

परीक्षा केंद्र निर्धारण के लिए सभी स्कूलों की सूचनाएं माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर भी अपलोड की जा चुकी हैं। डीआईओएस अवध किशोर सिंह ने कॉलेज प्रबंधकों व प्रधानाचार्यों की ओर से पोर्टल पर अपलोड सूचनाओं के भौतिक सत्यापन का आदेश भी जारी कर दिया है। इसके लिए तहसील स्तरीय तीन सदस्यीय कमेटियां बनाई गई हैं।

इसमें उन्होंने स्कूलों में सुविधाओं को लेकर पोर्टल पर अपलोड की गई सूचनाओं का पारदर्शिता के साथ भौतिक सत्यापन करने का निर्देश दिया। 25 सितंबर तक सभी सूचनाओं को अपलोड किया गया है। अब 10 अक्तूबर तक सत्यापन प्रक्रिया जिले स्तर पर पूरी करनी होगी। 

वाराणसी के जिला विद्यालय निरीक्षक अवध किशोर सिंह की माने तो स्कूलों के सत्यापन का काम चल रहा है। जितने विद्यार्थियों होंगे उतने सेंटर बनाए जाएंगे। सेंटरों का चयन पूरी पारदर्शिता के साथ किया जा रहा है। 

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संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

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