वाराणसी: महावीर मंदिर व्यायामशाला और उसके बगल स्थित अमरनाथ आश्रम पर पिछले कुछ वर्षों से अवैध कब्जे की साजिश रचे जाने के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस साजिश में मंदिर के पुजारी शैलेन्द्र द्विवेदी समेत कुछ व्यापारी और अन्य लोग शामिल हैं।
आरोप है कि पुजारी शैलेन्द्र द्विवेदी के सहयोगी प्रदीप सोनकर और बबलू सोनकर (व्यापारी, पहड़िया मंडी), प्रकाश चौबे और मल्लू यादव अवैध जमीनों पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि आपसी रंजिश पैदा कर जबरन व्यायामशाला और आश्रम पर कब्जा किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस कब्जे में कुछ राजनीतिक और प्रशासनिक सहयोग भी शामिल हैं।
महावीर मंदिर व्यायामशाला और अमरनाथ आश्रम का परिसर पचकोशी यात्रा करने वाले राहगीरों के लिए ठहरने और आराम करने का स्थान माना जाता है। यही जगह गरीब और निम्नवर्गीय परिवारों की शादी-विवाह जैसे सामाजिक आयोजनों के लिए भी उपयोग में लाई जाती रही है।
लोगों का कहना है कि कब्जा करने वाले समूह ने व्यायामशाला और आश्रम के परिसर में गेट लगवाकर ताले बंद कर दिए हैं। इससे यहां यात्रियों के लिए बने कुएं का पानी भी लोगों की पहुंच से बाहर हो गया है।
महावीर मंदिर व्यायामशाला और अमरनाथ आश्रम दोनों ही सरकारी भूमि पर स्थित बताए जाते हैं। बावजूद इसके अवैध कब्जे की इस कोशिश से स्थानीय लोगों में आक्रोश है और प्रशासन से कार्रवाई की मांग उठ रही है।









