सोनभद्र: रॉबर्ट्सगंज कचहरी परिसर स्थित डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन (डीबीए) सभागार में बुधवार को संविधान दिवस के अवसर पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डीबीए अध्यक्ष जगजीवन सिंह एडवोकेट ने की।
जगजीवन सिंह ने कहा कि संविधान दिवस नागरिकों को संवैधानिक कार्यों और मूल्यों के प्रति जिम्मेदार बनाता है। उन्होंने बताया कि 26 नवंबर भारतीय इतिहास का अत्यंत महत्वपूर्ण दिन है, क्योंकि इसी दिन संविधान सभा ने स्वतंत्र भारत के संविधान को अंगीकार किया था। यही कारण है कि हर वर्ष इस तिथि को संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता है।
“संविधान न्याय, स्वतंत्रता और समानता का प्रतीक” — महामंत्री प्रदीप कुमार मौर्य
डीबीए महामंत्री प्रदीप कुमार मौर्य एडवोकेट ने कहा कि संविधान दिवस मनाने का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक में न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व जैसे संवैधानिक मूल्यों के प्रति सम्मान बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि यह दिन डॉ. भीमराव अंबेडकर के अद्वितीय योगदान को याद करता है, जिन्होंने 2 वर्ष 11 माह 18 दिन की मेहनत से संविधान का मसौदा तैयार किया।
उन्होंने कहा कि संविधान जहां हमें मौलिक अधिकारों के प्रति जागरूक करता है, वहीं हमें अपने मौलिक कर्तव्यों की भी याद दिलाता है, क्योंकि राष्ट्र निर्माण में अधिकारों के साथ-साथ जिम्मेदारियों का निर्वहन भी आवश्यक है।
संविधान के पालन से ही राष्ट्र मजबूत—वक्ताओं का मत
गोष्ठी के दौरान वक्ताओं ने कहा कि संविधान लोकतंत्र की नींव है और इसके पालन से ही राष्ट्र प्रगति कर सकता है। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ उपाध्यक्ष पवन कुमार सिंह एडवोकेट ने किया।
कार्यक्रम में मौजूद रहे
इस मौके पर राजेश कुमार मौर्य, कामता प्रसाद यादव, रियाज खान, संदीप जायसवाल, वीरेंद्र कुमार राव, राजेंद्र कुमार यादव, सुरेश सिंह कुशवाहा, राजेश यादव, टीटू प्रसाद गुप्ता, विजय सक्सेना, सुदेश कुमार, अभिषेक कुमार सिंह, शिव शंकर राव सहित अनेक अधिवक्ता मौजूद रहे।









