बलिया: राष्ट्रीय बैकवर्ड महासभा ने बलिया में एम्स जैसे सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की मांग उठाई है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरिमोहन यादव ने कहा कि बलिया की स्वास्थ्य व्यवस्था बेहद बदहाल है और यहां के लोग बुनियादी चिकित्सा सुविधाओं से वंचित हैं।
उन्होंने कहा कि यदि बलिया में एम्स जैसा हॉस्पिटल बनता है तो इससे पूर्वांचल के आधे जिलों और बिहार के सीमावर्ती इलाकों को लाभ मिलेगा। मरीजों को बेहतर इलाज के लिए बाहर भटकना नहीं पड़ेगा।
क्रांतिकारियों की धरती उपेक्षित क्यों?
हरिमोहन यादव ने कहा कि बलिया आज़ादी की लड़ाई में सबसे आगे रहा, लेकिन आज स्वास्थ्य के मामले में यह जिला उपेक्षा का शिकार है।“चाहे किसी भी दल की सरकार रही हो, बलिया को हमेशा अछूता समझा गया। यहां की जनता आज भी बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं के कारण अपनी जान गंवाने को मजबूर है।” – हरिमोहन यादव
जनप्रतिनिधि और प्रशासन जिम्मेदार
उन्होंने आरोप लगाया कि जिले के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उदासीनता के कारण हालात और खराब हुए हैं। “गरीबों का वोट लेकर सरकारें बन जाती हैं, लेकिन उन्हें बदले में मिलता सिर्फ मौत और लापरवाही है। प्रशासन ने जिले में स्वास्थ्य विभाग में लूट का अड्डा बना रखा है।”
आंदोलन की चेतावनी
राष्ट्रीय बैकवर्ड महासभा ने चेतावनी दी है कि यदि बलिया में स्वास्थ्य सुविधाओं को दुरुस्त करने और एम्स जैसे अस्पताल की स्थापना की दिशा में कदम नहीं उठाए गए तो संगठन सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करेगा।










