बलिया। उत्तर प्रदेश लेखपाल भर्ती में अनुसूचित जनजाति के लिए 160 सीटें तथा पुलिस भर्ती में 647 सीटें आरक्षित होने के बावजूद गोंड जनजाति के अभ्यर्थियों को जाति प्रमाण पत्र न मिलने से आक्रोश व्याप्त है। इसी को लेकर 9 जनवरी 2026 को गोंड समुदाय के युवक-युवतियों ने “लेखपाल, पुलिस भर्ती आई है, गोंड जनजाति प्रमाण पत्र सुगमता पूर्वक जारी करो” के नारे लगाते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी व मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि भारत के राष्ट्रपति राजपत्र संविधान अनुसूचित जनजाति आदेश संशोधन अधिनियम-2002 के तहत बलिया जनपद में गोंड जाति को अनुसूचित जनजाति का दर्जा प्राप्त है। इसके बावजूद गोंड समुदाय के आवेदक कई महीनों से तहसील के चक्कर काट रहे हैं। तहसीलदार कार्यालय में ऑफलाइन आवेदन जमा होने के बाद भी ऑनलाइन आवेदन बार-बार लेखपाल व तहसील स्तर से अस्वीकृत कर दिए जा रहे हैं।
गोंड समुदाय के युवाओं का आरोप है कि जब उनके पिता, भाई और परिवार के अन्य सदस्यों के गोंड अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र पहले से तहसील द्वारा जारी किए जा चुके हैं तथा पूर्वजों के भू-राजस्व अभिलेखों में भी गोंड जाति दर्ज है, तो फिर नए प्रमाण पत्र जारी करने में अनावश्यक देरी और उत्पीड़न क्यों किया जा रहा है। इसे उन्होंने शासनादेश और भारत सरकार के राजपत्र की अवमानना बताया।
दिशु कुमार गोंड ने कहा कि यदि समय रहते गोंड अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र जारी नहीं हुआ तो लेखपाल और पुलिस भर्ती में आरक्षित अनुसूचित जनजाति सीटों पर आवेदन करने से वे वंचित रह जाएंगे, जिससे उनका भविष्य प्रभावित होगा।
प्रदर्शन में प्रमुख रूप से दीशु गोंड, निधि गोंड, अंजेश गोंड, सोनू गोंड, बिट्टू गोंड, राहुल गोंड, धनु गोंड, कृष गोंड, शुभम गोंड, सावित्री गोंड, लक्ष्मी गोंड, शिल्पा गोंड, सुमन गोंड, अनामिका गोंड, सबिता गोंड, सरोज गोंड, श्वेता गोंड और पूनम गोंड सहित बड़ी संख्या में गोंड समुदाय के युवक-युवतियां मौजूद रहीं।









