बलिया: जनपद के नगरा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम देवढिया के ग्रामीण ब्लॉक और पंचायत स्तर के अधिकारियों की लापरवाही से बेहद परेशान हैं। सरकार की ओर से ग्रामीण विकास को लेकर चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के बावजूद स्थानीय स्तर पर उनके क्रियान्वयन में भारी लापरवाही सामने आ रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि ब्लॉक अधिकारी और ग्राम प्रधान कागजी कार्रवाई कर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर लेते हैं। वहीं, जमीनी स्तर पर समस्याएं जस की तस बनी रहती हैं।
ग्राम देवढिया का हाल बेहाल
ग्राम सभा देवढिया के निवासी संतोष कुमार, गंगा दयाल, दिलीप कुमार, बिपिन कुमार और राहुल कुमार ने बताया कि गांव में एक प्रमुख सार्वजनिक रास्ता, जो राजेश सिंह के घर से शुरू होकर रामबचन राम और फिर घूरा राम के घर तक जाता है, पिछले चार वर्षों से पूरी तरह जर्जर अवस्था में है।

यह रास्ता सैकड़ों बच्चों की स्कूल जाने की दैनिक राह है, साथ ही बुजुर्ग और अन्य ग्रामीण भी इस मार्ग का नियमित उपयोग करते हैं। लेकिन वर्षों से इस मार्ग की मरम्मत नहीं कराई गई, जिससे रास्ते पर जलजमाव और कीचड़ बना रहता है। इससे संक्रमण फैलने का खतरा भी मंडरा रहा है।
निवेदन के बाद भी नहीं हुई सुनवाई
ग्रामीणों ने बताया कि कई बार ग्राम प्रधान से इस समस्या को लेकर निवेदन किया गया, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। अब ग्रामीण विवश होकर इसी रास्ते से गुजरने को मजबूर हैं।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस सार्वजनिक मार्ग की तत्काल मरम्मत कराई जाए, ताकि ग्रामीणों को आने-जाने में सुविधा मिल सके और संक्रमण जैसी बीमारियों से बचाव हो सके।
रिपोर्ट- मुकेश कुमार श्रीवास्तव









