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रेलवे कर्मचारियों की तत्परता से बनारस-नई दिल्ली सुपरफास्ट में छूटा लैपटॉप वापस मिला, यात्रा के दौरान भूल गया था युवक

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वाराणसी: पूर्वोत्तर रेलवे का वाराणसी मंडल अपने यात्रियों को यात्रा के दौरान हर संभव सहायता प्रदान करने हेतु संकल्पित है। इसी क्रम में बनारस-नई दिल्ली सुपरफास्ट गाड़ी सं-12581 के एम-2 कोच में सीट संख्या-18,19,21,24 एवं 45 पर बनारस से नई दिल्ली की यात्रा कर रहे दिल्ली निवासी गौरव अग्रवाल 18 नवम्बर को ट्रेन में सवार हुए और 19 नवम्बर को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर उतरते समय अपना लैपटॉप ट्रेन में ही भूल गये।

घर पहुँचने के बाद कैनाल व्यू अपार्टमेंट, सेक्टर 15, रोहिणी, दिल्ली के निवासी गौरव अग्रवाल को जब याद आया तब नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के स्टेशन प्रबंधक राकेश शर्मा से संपर्क करके उन्होंने बताया कि वह गाड़ी सं- 12581 बनारस-नई दिल्ली सुपरफास्ट पर अपना लैपटॉप भूल गए हैं। अग्रवाल द्वारा घटना की जानकारी देते समय ट्रेन स्टेबलिंग के लिए नई दिल्ली क्षेत्र से पहले ही प्रस्थान कर चुकी थी।

त्वरित कार्रवाई करते हुए राकेश शर्मा ने रंजय कुमार, सीनियर सेक्शन इंजीनियर (लिनन/कैरेज एण्ड वैगन/बनारस) के साथ समन्वय किया और ट्रेन के कोच अटेंडेंट सागर सरोज से संपर्क साधा। कोच अटेंडेंट ने गाड़ी में छूटा लैपटॉप खोज निकाला और गाड़ी के दिल्ली सदर बाजार रेलवे स्टेशन पर उक्त यात्री गौरव कुमार को सुपूर्द कर दिया ।

लैपटॉप पुनः प्राप्त करने पर गौरव कुमार बहुत प्रसन्न हुए और भारतीय रेलवे कर्मचारियों राकेश शर्मा, रंजय कुमार औरसागर सरोज के त्वरित और समन्वित प्रयासों की सराहना करते हुए धन्यवाद किया। यह घटना यात्रियों की चिंताओं को तुरंत दूर करने में भारतीय रेलवे कर्मियों की प्रतिबद्धता और समर्पण को रेखांकित करती है।

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संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

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