वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वाराणसी आगमन से पूर्व किसानों का प्रतिनिधिमंडल उनसे मुलाकात की अनुमति के लिए सक्रिय हो गया है। इसी क्रम में शुक्रवार को किसान नेताओं ने वाराणसी के पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन सौंपकर प्रधानमंत्री से मिलने का समय निर्धारित किए जाने की मांग की।
ज्ञापन में किसानों ने स्पष्ट किया कि वे राष्ट्रीय राजमार्ग और सिंचाई से जुड़ी अपनी लंबित समस्याओं को लेकर प्रधानमंत्री से सीधे संवाद करना चाहते हैं। हालांकि, किसानों की आवाज उठाने वाले किसान नेता अजीत सिंह को 28 जुलाई को जनपद जौनपुर पुलिस द्वारा चंदवक थाना क्षेत्र स्थित उनके आवास पर नजरबंद (हाउस अरेस्ट) कर दिया गया, जिससे किसानों में आक्रोश व्याप्त है।

किसानों की मुख्य समस्याएं
- एनएच-233 मुआवजा प्रकरण:
केराकत तहसील के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग 233 के निर्माण से प्रभावित किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिल पाया है। अधिकांश किसानों ने सहमति पत्र जमा कर दिया है, बावजूद इसके मुआवजा न मिलने से 16 किमी सड़क निर्माण अधर में लटका है, जिससे दुर्घटनाएं लगातार हो रही हैं। - शारदा सहायक नहर में पानी की कमी:
पेसारा रजवाहा में पानी न आने के कारण डोभी ब्लॉक के कई गांवों में किसान धान की रोपाई नहीं कर पा रहे हैं। प्रतिवर्ष यह समस्या फसल के समय होती है, जिससे सैकड़ों एकड़ भूमि बिना खेती के रह जाती है। - जल और बिजली विभाग की निष्क्रियता:
सिंचाई विभाग और बिजली विभाग के अधिशासी अभियंताओं को 15 जुलाई को ज्ञापन देकर तत्काल समाधान की मांग की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। किसानों का कहना है कि 25 जुलाई को जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन के बावजूद विभागों की निष्क्रियता बनी हुई है। - किसानों से सौतेला व्यवहार:
किसानों का आरोप है कि सिंचाई और विद्युत विभाग उनके साथ सौतेला व्यवहार कर रहे हैं, जो कि अन्यायपूर्ण है।
प्रधानमंत्री से मुलाकात की मांग
ज्ञापन के माध्यम से किसानों ने मांग की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने के लिए एक समय निर्धारित किया जाए, ताकि प्रतिनिधिमंडल उक्त समस्याओं से उन्हें अवगत करा सके और तत्काल निराकरण की दिशा में कदम उठाया जा सके।









