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सोनभद्र: ग्रीनलैण्ड स्कूल में अग्नि सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

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सोनभद्र: रेनुकूट स्थित ग्रीनलैण्ड स्कूल में आज एक विशेष अग्नि सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य छात्रों को आग से बचाव, आपदा की स्थिति में सही निर्णय लेने और एक जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए जागरूक करना था।

विशेषज्ञों ने दिया प्रशिक्षण

कार्यक्रम का संचालन प्रवीण श्रीवास्तव, नेविगेटिंग ऑफिसर, भारत सरकार, द्वारा किया गया। उन्होंने विद्यार्थियों को आग लगने की संभावित परिस्थितियों, कारणों और समय रहते उठाई जाने वाली सावधानियों के बारे में सरल, प्रभावी और व्यावहारिक तरीके से समझाया। उन्होंने कहा कि“अग्नि सुरक्षा सिर्फ एक कौशल नहीं, बल्कि हर नागरिक के लिए जीवन रक्षक ज्ञान है।”

प्रशिक्षक संदीप शाह ने भी अग्नि नियंत्रण एवं रोकथाम पर विस्तृत सैद्धांतिक प्रशिक्षण दिया और छात्रों को वैज्ञानिक तरीके से आग से निपटने के उपाय बताए।

सीपीआर प्रशिक्षण भी दिया गया

कार्यक्रम के अंत में प्रवीण श्रीवास्तव ने छात्रों को सीपीआर (CPR) की प्रक्रिया का लाइव प्रदर्शन करते हुए इसका महत्व बताया, ताकि किसी के अचानक अस्वस्थ होने पर उसकी जान बचाने में सहायता मिल सके।

विद्यालय प्रबंधन की सराहना

विद्यालय प्रबंधन ने इस कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण छात्रों में

  • आत्मविश्वास बढ़ाते हैं,
  • आपदा के समय शांत और सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित करते हैं,
  • और उन्हें जिम्मेदार तथा सजग नागरिक बनने में मदद करते हैं।

विद्यालय का संदेश

ग्रीनलैण्ड स्कूल“सुरक्षा ही समझदारी – और समझदारी ही एक बेहतर नागरिक की पहचान।”

ब्यूरोचीफ- जूही खान

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संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

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