वाराणसी: बुद्धि, समृद्धि और सौभाग्य के देवता भगवान गणेश का जन्मोत्सव गणेश चतुर्थी काशी में परंपरागत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। मंगलवार सुबह से ही भक्तों का तांता शहर के प्रमुख मंदिरों में लगा रहा।
लोहटिया स्थित बड़ा गणेश मंदिर में विशेष उत्सव का आयोजन हुआ, जहां सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिर के पुजारी राजेश तिवारी ने बताया कि परंपरा के अनुसार मंगला आरती के बाद ही मंदिर के पट श्रद्धालुओं के लिए खोले गए।
उन्होंने बताया कि इस दिन को ‘ढेला चौथ’ भी कहा जाता है। मान्यता है कि आज के दिन चंद्रमा के दर्शन अशुभ माने जाते हैं, इसलिए भक्त विशेष सावधानी बरतते हुए इस परंपरा का पालन करते हैं।
वहीं महिलाएं परंपरा अनुसार 24 घंटे का तीज व्रत रखती हैं और भगवान गणपति के दर्शन करने के बाद ही अन्न-जल ग्रहण करती हैं। पूरे दिन मंदिर परिसर में भक्ति गीतों और ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारों से माहौल भक्तिमय बना रहा।










