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गाजीपुर: दो दिन पूर्व गंगा में डूबे तीन नाबालिगों के शव एनडीआरएफ और गोताखोरों की मदद से बरामद

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गाजीपुर। शहर कोतवाली क्षेत्र में गंगा नदी में डूबे तीन नाबालिगों के शव दो दिन की कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार एनडीआरएफ और गोताखोरों की टीम ने बरामद कर लिए। यह तीनों किशोर कासिमाबाद थाना क्षेत्र के बहादुरगंज निवासी थे, जो अपने रिश्तेदार स्वर्गीय महेंद्र जायसवाल के दाह संस्कार में शामिल होने गाजीपुर आए थे।

जानकारी के अनुसार, रविवार को दाह संस्कार के बाद तीनों युवक गंगा नदी में स्नान करने गए थे। इसी दौरान गहरे पानी में चले जाने से तीनों की डूबकर दर्दनाक मौत हो गई थी। इस घटना से बहादुरगंज और शहर क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई थी।

घटना की सूचना पर शहर कोतवाली पुलिस और राजगंज चौकी इंचार्ज राजेश सिंह तत्काल मौके पर पहुंचे। एनडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों की टीम लगातार तीन दिनों से शवों की तलाश में जुटी रही।

तीन दिनों की तलाशी के बाद

  • पहला शव – आदित्य जायसवाल (15 वर्ष) का मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे श्मशान घाट के पास मिला।
  • दूसरा शव – हिमांशु मद्धेशिया (16 वर्ष) का मंगलवार शाम करीब 6 बजे पोस्ता घाट से बरामद हुआ।
  • तीसरा शव – कुंदन मौर्य (15 वर्ष) का बुधवार दोपहर लगभग 5 बजे गौसपुर के पास से मिला।

राजगंज चौकी इंचार्ज राजेश सिंह ने बताया कि तीनों शवों को बरामद कर लिया गया है और पंचनामा की कार्यवाही पूरी कर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा जाएगा।

तीनों नाबालिगों की असमय मौत से उनके परिजनों में कोहराम मचा हुआ है, जबकि पूरे गांव में शोक और सन्नाटा व्याप्त है। स्थानीय लोगों ने नदी किनारे सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और नाव चलाने वालों की निगरानी बढ़ाने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

ब्यूरोचीफ – संजय यादव

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संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

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