गाजीपुर: मनरेगा योजनाओं में हो रहे भ्रष्टाचार को लेकर जिला उपायुक्त श्रम रोजगार (डीसी मनरेगा) विजय कुमार यादव ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि मनरेगा में गड़बड़ियों में शामिल किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हाल ही में गाजीपुर में डीसी मनरेगा के पद पर नियुक्त हुए विजय कुमार यादव ने करंडा विकास खंड के सुआपुर ग्राम सभा में मनरेगा के तहत चल रहे पोखरी खुदाई कार्य में जेसीबी मशीन के इस्तेमाल और फर्जी मजदूरों की हाजिरी को लेकर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने जब मास्टर रोल और जीपीएस लोकेशन की जानकारी देखी, तो बीडीओ करंडा शुवेदिता सिंह को फोन कर जमकर फटकार लगाई और लापरवाही न बरतने की चेतावनी दी।
डीसी ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण क्षेत्र की विकास की रीढ़ है और इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि उनकी प्राथमिकता है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को रोजगार मुहैया कराया जाए। उन्होंने यह भी बताया कि इस समय वन महोत्सव कार्यक्रम के तहत 21 लाख पौधरोपण का लक्ष्य है, जिसे जल्द पूरा किया जाएगा।
उन्होंने कहा, “मनरेगा में आने वाली हर शिकायत की पारदर्शी जांच की जाएगी और जहां भी अनियमितता मिलेगी, तुरंत कार्रवाई की जाएगी।” जिले में 299 स्थलों का चयन किया गया है, जहां कार्यों की नियमित समीक्षा की जा रही है।
डीसी मनरेगा ने यह भी बताया कि जनसुनवाई का समय सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक तय किया गया है, जहां आमजन अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। ऑनलाइन मास्टर रोल में मजदूरों की फर्जी हाजिरी और कार्यस्थल से उनकी अनुपस्थिति के मामलों पर उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा और दोषियों को कड़ी सजा दी जाएगी, ताकि भविष्य में कोई इस तरह की हिम्मत न करे।
गौरतलब है कि विजय कुमार यादव पूर्व में जौनपुर में डीडीओ और आजमगढ़ में डीसी एनआरएलएम के पद पर भी कार्य कर चुके हैं, जहां उनके कार्यों की पारदर्शिता और कड़ी अनुशासन के लिए सराहना की गई थी। अब गाजीपुर में भी उनके तेवर से स्पष्ट है कि मनरेगा में भ्रष्टाचार पर लगाम कसने की मुहिम तेज़ हो चुकी है।









