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गाजीपुर: जान देने की नीयत से गंगा में कूदी वृद्धा, स्थानीय लोगों और गोताखोरों ने बचाई जान

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गाजीपुर। थानाक्षेत्र स्थित श्मशान घाट के पास एक वृद्धा ने अज्ञात कारणों के चलते गंगा नदी में छलांग लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया। मौके पर मौजूद लोगों की तत्परता और स्थानीय गोताखोरों की सहायता से महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिसके बाद समाजसेवी द्वारा उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया।

घटना के अनुसार, वृद्धा श्मशान घाट के पास पहुंची और अचानक गंगा नदी में कूद गई। यह देख आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। बिना देर किए स्थानीय गोताखोर नदी में उतरे और महिला को बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर लाया। ठंड अधिक होने के कारण उन्हें आग तापकर गर्मी दी गई।

सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची। समाजसेवी कुंवर वीरेंद्र सिंह वृद्धा को तत्काल अस्पताल ले गए, जहां इलाज के बाद उन्होंने अपना नाम नन्हकी देवी, पत्नी अंतू, निवासी गरूआ मकसूदपुर बताया। वृद्धा ने गंगा में छलांग क्यों लगाई, फिलहाल इसकी जानकारी नहीं हो सकी है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

ब्यूरोचीफ – संजय यादव

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संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।