गोरखपुर। छात्र दीपक गुप्ता हत्याकांड का मुख्य आरोपी और दुर्दांत पशु तस्कर जुबैर शुक्रवार को एसटीएफ के साथ हुई मुठभेड़ में मारा गया। मुठभेड़ में गोली लगने से दो पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जुबैर मूल रूप से रामपुर के शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला घेर मर्दान खां का निवासी था और गोंडा जिले के वांटेड अपराधी वहाब के साथ मिलकर अंतरराज्यीय पशु तस्करी नेटवर्क ऑपरेट करता था। यह गिरोह गोरखपुर, गोंडा, बहराइच, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर से लेकर बिहार तक सक्रिय था।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, बीते साल सितंबर में जुबैर ने बलरामपुर जिले के तुलसीपुर में पशु तस्करी का विरोध करने पर दो सिपाहियों पर डंडे से हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया था। उस समय उस पर 50 हजार का इनाम घोषित हुआ था और एसटीएफ ने शहजादनगर से मुठभेड़ के बाद उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
हालांकि जेल से छूटने के बाद वह दोबारा पशु तस्करी के धंधे में सक्रिय हो गया। गोरखपुर के पिपराइच इलाके में छात्र दीपक गुप्ता की हत्या के मामले में उसका नाम सामने आने पर पुलिस ने उसकी तलाश तेज की थी।
डीजीपी मुख्यालय से जुबैर पर एक लाख का इनाम घोषित किया गया था। शुक्रवार को एसटीएफ ने उसे मुठभेड़ में ढेर कर इस प्रकरण का पटाक्षेप किया।









