बलिया। मरदह स्थानीय थाना क्षेत्र के भोजपुर में देश में आध्यात्मिक क्रांति का बिगुल बजाने वाले, जीते-जी प्रभु प्राप्ति का मार्ग बताने वाले युग महापुरुष परम संत बाबा जयगुरुदेव जी महाराज के उत्तराधिकारी एवं जयगुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था, मथुरा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूज्य पंकज जी महाराज की जनजागरण यात्रा का भव्य पड़ाव हुआ। इस अवसर पर भारी संख्या में श्रद्धालु भाई-बहनों ने दीप प्रज्वलित कलशों, पुष्पवर्षा और गाजे-बाजे के साथ काफिले का स्वागत किया।

भोजपुर में आयोजित सत्संग समारोह को संबोधित करते हुए पूज्य पंकज जी महाराज ने कहा कि यह सत्संग है, कोई कथा-कीर्तन या गाना-बजाना नहीं, बल्कि महात्माओं की अजर-अमर वाणियों का संदेश है। इससे मानव जीवन के उद्देश्य, प्रभु प्राप्ति और आत्मकल्याण का सच्चा मार्ग समझ में आता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य शरीर साधना का धाम है और दोनों आंखों के बीच जीवात्मा की बैठक होती है, जहां तीसरी आंख और कान हैं, जिन्हें सद्गुरु द्वारा बताए गए साधन-भजन से खोला जा सकता है।
महाराज जी ने बताया कि इस साधना के माध्यम से जीव ऊपरी लोकों की आवाजें सुन सकता है, अपने पूर्व कर्मों और उनके फलों को देख सकता है तथा इस जन्म में बने संबंधों के कर्म ऋण को समझ सकता है। उन्होंने कर्म सिद्धांत पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रभु ने मनुष्य को पाप-पुण्य करने की स्वतंत्रता दी है, लेकिन कर्मों का फल अपने अधिकार में रखा है। इन्हीं कर्म बंधनों के कारण जीव 84 लाख योनियों में भटकता है।
उन्होंने कहा कि सुरत-शब्द-नाम योग की साधना और प्रभु को प्राप्त महात्माओं के मार्गदर्शन से ही जीवात्मा पर जमी कर्मों की मैल साफ हो सकती है और जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति संभव है। सत्संग के दौरान महाराज जी ने हाथ में माला लेकर सुमिरन, ध्यान और भजन की विधि को विस्तार से समझाया। साथ ही शाकाहारी जीवन, नशा त्याग और सदाचारी जीवन अपनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर इन्द्रदेव यादव, महेश यादव, मुन्नीलाल पाल, चन्द्रमोहन, ओम प्रकाश यादव, कैलास नाथ यादव, फूल कुमार यादव, बाबूलाल रावत, केवलचंद यादव, अशोक यादव, बृजेश सिंह यादव, चन्द्रपाल यादव, किरन सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
कासिमाबाद से धर्मेन्द्र कुमार की रिपोर्ट
ब्यूरो चीफ: संजय यादव









