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नई दिल्ली: लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास जोरदार धमाका, 10 की मौत, चारो तरफ हाई अलर्ट

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नई दिल्ली के ऐतिहासिक लाल क़िला मेट्रो स्टेशन के पास सोमवार शाम लगभग 6:50 बजे एक तेज विस्फोट हुआ। विस्फोट उस समय हुआ जब एक सफेद Hyundai i20 वाहन लाल बत्ती पर धीरे-धीरे खड़ा था; अचानक से उसमें विस्फोट हो गया, जिससे आसपास की कई गाड़ियाँ और ऑटो-रिक्शा भी जल उठे।

पुलिस ने बताया है कि इस घटना में कम-से-कम 10 लोगों की मौत हुई है और 20 से अधिक लोग घायल हुए हैं। आक्रामक रूप से यह माना जा रहा है कि यह सिर्फ एक दुर्घटना नहीं बल्कि आतंकवादी हमले की संभावना हो सकती है — जांच के लिए अलग-अलग एजेंसियाँ जुटी हुई हैं।

घटना के बाद पूरे शहर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। विशेष रूप से मेट्रो स्टेशन, रेलवे स्टेशन और सार्वजनिक स्थानों पर पेट्रोलिंग बढ़ गई है।आंतरिक मंत्री अमित शाह ने घटनास्थल का दौरा किया और कहा कि “सभी संभावना” पर ध्यान दिया जा रहा है।

इस घातक घटना ने राष्ट्रीय राजधानी में एक बहुत बड़ी चिंता उत्पन्न कर दी है — भीड़भाड़ वाले इलाके, पुरातन स्मारक के नजदीक इस तरह का हमला सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़ा करता है।

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संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।