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पति के थे 500 से अधिक अफेयर, पत्नी के खुलासों से रिस्तों पर से उठा भरोसा

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टोक्यो। शादी को भरोसे और साथ का सबसे मजबूत रिश्ता माना जाता है, लेकिन जब इसी रिश्ते में धोखे की परतें खुलने लगें तो इंसान भीतर तक टूट जाता है। जापान से सामने आई एक चौंकाने वाली कहानी ने लोगों को हैरान कर दिया है। यहां एक महिला को शादी के कई साल बाद पता चला कि उसके पति के एक-दो नहीं, बल्कि सैकड़ों अफेयर थे।

जानकारी के अनुसार, लंबे समय तक पति पर भरोसा करने वाली पत्नी को जब सच्चाई का पता चला तो उसका वैवाहिक जीवन पूरी तरह बिखर गया। इस खुलासे ने न सिर्फ उनके रिश्ते को तोड़ दिया, बल्कि महिला को गहरे मानसिक आघात से भी गुजरना पड़ा।

हालांकि, इस दर्दनाक अनुभव से महिला ने खुद को संभाला और अपने संघर्ष, पीड़ा और टूटे भरोसे की कहानी को शब्दों में ढाल दिया। उसने अपने जीवन के इस कड़वे सच पर आधारित एक किताब लिखी, जो सामने आते ही सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई।

महिला की यह किताब आज सिर्फ एक व्यक्तिगत कहानी नहीं रह गई है, बल्कि यह भरोसे, रिश्तों और बेवफाई जैसे संवेदनशील मुद्दों पर समाज को सोचने पर मजबूर कर रही है। सोशल मीडिया पर लोग इस कहानी पर तीखी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं—कुछ इसे साहस की मिसाल बता रहे हैं तो कुछ इसे रिश्तों में पारदर्शिता की जरूरत से जोड़कर देख रहे हैं।

यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि रिश्तों में सच्चाई और ईमानदारी कितनी जरूरी है, क्योंकि एक झूठ कई जिंदगियों को तोड़ सकता है।

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संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।