गाजीपुर: जिले की एक अदालत ने दहेज हत्या के एक मामले में दोषी पाए गए पति को 10 साल के सश्रम कारावास और ₹10,000 के जुर्माने की सजा सुनाई है। यह सख्त निर्णय अपर सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय प्रथम आलोक कुमार की अदालत ने सुनाया।
मामले का विवरण
शादियाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम बसेवा निवासी जयहिंद यादव ने बताया कि उन्होंने अपनी बहन की शादी लगभग चार वर्ष पूर्व थाना बिरनो क्षेत्र के खरगपुर गांव निवासी निरमोहन यादव से की थी। विवाह में परिजनों ने अपनी सामर्थ्य अनुसार घरेलू सामान, उपहार और गहने दिए थे।
शादी के कुछ समय बाद ही निरमोहन यादव, उसकी मां गंगा जली देवी और पिता चंद्रिका यादव ने ₹2 लाख नकद और एक बुलेट मोटरसाइकिल की मांग शुरू कर दी। जब मांग पूरी नहीं हुई तो उन्होंने महिला को लगातार प्रताड़ित करना शुरू कर दिया।
हत्या और न्यायिक प्रक्रिया
दिनांक 18 मई 2023 को पीड़िता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जिसे परिवार ने दहेज हत्या बताया। पीड़ित के भाई की शिकायत पर थाना बिरनो में FIR दर्ज की गई। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा और जांच पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता अवधेश सिंह ने कुल 7 गवाहों को अदालत में पेश किया। सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने पति निरमोहन यादव को दोषी करार दिया।
सुनाई गई सजा
- धारा 304B IPC (दहेज हत्या): 10 वर्ष सश्रम कारावास
- धारा 498A IPC (प्रताड़ना): 2 वर्ष सश्रम कारावास + ₹5,000 जुर्माना
- धारा 4 दहेज निषेध अधिनियम: 1 वर्ष सश्रम कारावास + ₹5,000 जुर्माना
वहीं, अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में सास गंगा जली देवी और ससुर चंद्रिका यादव को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।
🧑⚖️ कोर्ट का संदेश:
इस फैसले के साथ ही न्यायालय ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया कि दहेज के लिए किसी भी प्रकार की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों को कड़ी सजा दी जाएगी।











