बलिया। जनपद के नगरा ब्लॉक स्थित खैरा निस्ति गाँव में विद्युत विभाग की घोर लापरवाही साफ तौर पर दिखाई दे रही है। गांव के मुख्य मार्ग से गुजर रही 11,000 वोल्टेज की हाईटेंशन लाइन मात्र 1 फीट पार्श्व दूरी और 2–3 फीट ऊँचाई पर लटक रही है। यह स्थिति प्रतिदिन ग्रामीणों, बच्चों और पशुओं की जान के लिए गंभीर खतरा बनी हुई है।
बकरी की मौत, बड़ी घटनाओं का खतरा कायम
दो दिन पहले ही एक बकरी करंट की चपेट में आकर मौके पर ही मर गई, जिसके बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों की मानें तो यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो यहां किसी बड़ी दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता।
ग्रामीणों ने कई बार दी शिकायत, फिर भी कार्रवाई नहीं
स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में विद्युत विभाग को 10 से अधिक बार लिखित शिकायतें और कई बार फोन के माध्यम से सूचना दी, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों का कहना है कि “स्थिति इतनी भयावह है कि हम गांव छोड़कर दूसरी जगह जाने के लिए मजबूर हो गए हैं।”
समाजसेवी संजीव गिरी ने भी की शिकायत
समाजसेवी संजीव गिरी ने बताया कि उन्होंने स्वयं कई बार विभागीय अधिकारियों से फोन पर संपर्क किया। लेकिन हमेशा उन्हें यही जवाब मिला “दो–तीन दिन में सब ठीक हो जाएगा।” इसके बावजूद आज तक तारों को सही करने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया।
पोल लगाने के लिए 50,000 रुपये की मांग का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि हाईटेंशन लाइन को सुरक्षित ऊँचाई पर करने के लिए बिजली विभाग द्वारा प्रतिदिन ₹50,000 प्रति पोल का खर्च बताकर काम टाल दिया जाता है। जबकि क्षेत्र में कुल 3 पोल, 10 KVA का ट्रांसफॉर्मर और 40–50 कनेक्शन जुड़े हुए हैं। कई जगहों पर तार 400–500 मीटर तक ढीले होकर लटक रहे हैं, जिससे हर समय जान-माल के जोखिम की स्थिति बनी हुई है।
तार के पास पानी से भरा गड्ढा – खतरा और बढ़ा
सबसे खतरनाक स्थिति यह है कि एक स्थान पर पानी से भरा बड़ा गड्ढा बिजली के लटकते तार के पास है, जो किसी भी क्षण बड़ी दुर्घटना को न्योता दे सकता है।
ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और विद्युत विभाग से तत्काल कार्रवाई की अपील की है, ताकि संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके और लोगों की जान-माल सुरक्षित रहे।
रिपोर्ट– मुकेश श्रीवास्तव









