वाराणसी: उत्तर प्रदेश में चल रही प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों की क्लोजर और मर्जर नीति के खिलाफ जन अधिकार पार्टी ने वाराणसी में शास्त्री भवन के बाहर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकार की इस नीति के कारण शिक्षा का अधिकार कानून का खुला उल्लंघन हो रहा है और गांवों के गरीब बच्चों का भविष्य खतरे में पड़ गया है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि राज्य में लगभग 27,200 ऐसे विद्यालय हैं, जिनमें छात्र संख्या 50 से कम है। सरकार ने इनमें से कई स्कूलों को बंद कर दिया है, जबकि बाकी को धीरे-धीरे एसोसिएट बांड और मर्जर की प्रक्रिया में डाला जा रहा है। इससे छात्रों को 2 से 5 किलोमीटर दूर जाकर पढ़ाई करनी पड़ रही है, जो गरीब परिवारों के बच्चों के लिए एक बड़ी चुनौती बन रही है।

जन अधिकार पार्टी का आरोप है कि यह पूरी प्रक्रिया गरीब, मजदूर और किसान वर्ग के बच्चों को शिक्षा से दूर करने की “साजिश” है। पार्टी नेताओं ने मांग की कि सरकार क्लोज़र और मर्जर नीति को तत्काल प्रभाव से रोक कर, बंद हुए विद्यालयों को फिर से शुरू करे। साथ ही इन स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक, इंफ्रास्ट्रक्चर और शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं ताकि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो सके। पार्टी ने चेताया कि अगर सरकार ने शीघ्र ही इस मुद्दे पर सकारात्मक कदम नहीं उठाया, तो राज्यव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा।








