जौनपुर। थाना जलालपुर की पुलिस ने एक बड़े गैंग का खुलासा करते हुए फर्जी जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गैंग के 5 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनसे 9 एंड्रॉइड मोबाइल फोन और 4 लैपटॉप भी बरामद किए गए हैं।
शुरुआत ऐसे हुई—सीएमओ ऑफिस में सत्यापन के दौरान खुला फर्जीवाड़ा
वादी रतन कुमार ने अपनी बेटी का जन्म प्रमाणपत्र यूनियन बैंक जलालपुर में आधार बनाने वाले विनय यादव को दिया था। विनय ने उन्हें फर्जी जन्म प्रमाणपत्र देकर पैसे वसूले। सत्यापन कराने पर CMO ऑफिस ने दस्तावेज को फर्जी घोषित किया।
जांच में खुलासा हुआ कि विनय यादव के साथ पूरा नेटवर्क काम कर रहा था, जिसमें रामभरत मौर्या (चंदौली) समेत कई लोग शामिल थे। ये लोग लंबे समय से नकली जन्म प्रमाणपत्र, मृत्यु प्रमाणपत्र आदि बनाकर लोगों से भारी रकम वसूल रहे थे।
कैसे चलता था फर्जीवाड़ा? आरोपियों का बड़ा खुलासा
गिरफ्तार आरोपियों ने बताया ग्राम पंचायत की ID से मिलता-जुलता पासवर्ड ट्राई कर लॉगिन किया जाता था। ‘AnyDesk’ के जरिए स्क्रीन शेयर कर पासवर्ड रीसेट किया जाता था। फिर सिस्टम में घुसकर फर्जी प्रमाणपत्र तैयार किए जाते थे। हर दस्तावेज के लिए मोटी रकम वसूली जाती थी। पुलिस गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है।









