Search
Close this search box.

मिर्जापुर: राजस्व अभिलेखागार में ठेकेदारी प्रथा चरम पर, करणी सेना की जिलाधिकारी से समाप्त करने की मांग

मिर्जापुर। जनपद के राजस्व अभिलेखागार में इन दिनों ठेकेदारी प्रथा तेजी से बढ़ती जा रही है, जिससे आम लोगों के साथ-साथ अधिवक्ताओं को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ठेकेदारों द्वारा बड़ी संख्या में भूखंडों के अभिलेखों की जांच का ठेका लेकर लम्बी-लम्बी सूची जमा कर दी जाती है, जिसके कारण अधिवक्ताओं को अपने मुवक्किलों के कार्य कराने में अत्यधिक कठिनाई हो रही है।

स्थिति यह है कि राजस्व अभिलेखागार सुबह 10 बजे खुलता है, लेकिन ठेकेदार सुबह 6 बजे से ही नंबर लगाकर मुआयना कराने की प्रक्रिया शुरू कर देते हैं। इससे अधिवक्ताओं को घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी उनका नंबर नहीं मिल पाता। स्थानीय लोगों का कहना है कि पूरी व्यवस्था ठेकेदारों के कब्जे में चली गई है।

इसी समस्या को लेकर करणी सेना ने जिलाधिकारी मिर्जापुर को पत्र लिखकर ठेकेदारी प्रथा को तत्काल समाप्त करने की मांग की है। साथ ही यह भी प्रस्ताव रखा गया है कि राजस्व अभिलेखागार में एक व्यक्ति द्वारा एक दिन में सिर्फ एक मुआयना करने का प्रावधान लागू किया जाए, ताकि आम जनता और अधिवक्ताओं के कार्य सुचारू रूप से संपादित हो सकें।

करणी सेना ने जल्द कार्रवाई की अपेक्षा करते हुए कहा कि वर्तमान स्थिति न्यायिक कार्यों में बाधा पैदा कर रही है, इसलिए इस व्यवस्था में सुधार अत्यंत आवश्यक है।

Leave a Comment

और पढ़ें