प्रयागराज: यौन उत्पीड़न के मामले में घिरे भारतीय क्रिकेटर और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खिलाड़ी यश दयाल को इलाहाबाद हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने सोमवार को उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए पुलिस को अगली सुनवाई तक कोई भी दंडात्मक कार्रवाई न करने का निर्देश दिया है।
यह आदेश हाई कोर्ट की न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति अनिल कुमार की खंडपीठ ने यश दयाल द्वारा दायर एफआईआर रद्द करने की याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया।
यश दयाल की ओर से पेश हुए अधिवक्ता गौरव त्रिपाठी ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि कोर्ट ने फिलहाल गिरफ्तारी पर रोक लगाई है और साफ किया है कि अगली सुनवाई तक उनके खिलाफ कोई कठोर कदम न उठाया जाए।
क्या है पूरा मामला?
6 जुलाई 2025 को गाज़ियाबाद के इंदिरापुरम थाना क्षेत्र में एक महिला ने यश दयाल के खिलाफ यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया था। महिला ने आरोप लगाया कि वह यश दयाल के साथ पिछले पांच वर्षों से रिश्ते में थीं, लेकिन क्रिकेटर ने उनके साथ शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न किया। एफआईआर भारतीय दंड संहिता की धारा 69 के तहत दर्ज की गई है, जिसकी जांच स्थानीय पुलिस कर रही है।
अगली सुनवाई तक राहत
हाई कोर्ट के निर्देश के बाद अब अगली सुनवाई तक यश दयाल की गिरफ्तारी नहीं हो सकेगी। कोर्ट इस याचिका पर आगे की सुनवाई में यह तय करेगा कि दर्ज एफआईआर रद्द की जाए या नहीं।
फिलहाल इस प्रकरण पर क्रिकेटर यश दयाल या RCB की ओर से कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। मामला गंभीर होने के चलते यह खेल और कानूनी जगत दोनों में सुर्खियों में है।









