लखनऊ: फर्जी IAS बनकर सरकारी सिस्टम और समाज में रौब झाड़ने वाले सौरभ त्रिपाठी का नेटवर्क बिहार से लेकर गोवा तक फैला हुआ था। करीब चार साल पहले बिहार से इसकी शुरुआत हुई और धीरे-धीरे दिल्ली और गोवा में नेटवर्क मजबूत करने के बाद उसने उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को अपना ठिकाना बना लिया।
सौरभ त्रिपाठी लखनऊ में 60 हजार रुपये महीने के किराए पर फ्लैट लेकर रह रहा था। खुद को वरिष्ठ IAS साबित करने के लिए उसने GOV.COM और NIC जैसी फर्जी ईमेल आईडी बनाई। इसके अलावा लिंक्डइन, एक्स और फेसबुक पर IAS का प्रोफाइल तैयार कर लिया। सरकारी कार्यक्रमों, मीटिंग्स और सेमिनारों में पहुंचकर उसने खुद को असली अफसर की तरह पेश किया और आधा दर्जन से अधिक IAS अधिकारियों से नजदीकियां बढ़ाईं।
रौब जमाने के लिए सौरभ गनर और नीली बत्ती लगी गाड़ियों का काफिला लेकर घूमता था। लगभग आठ दिन पहले उसके सोशल मीडिया प्रोफाइल के जरिए एक बिजनेसमैन ने उससे संपर्क किया। शक होने पर उसने एक वरिष्ठ IAS अधिकारी को जानकारी दी। इसके बाद जांच शुरू हुई और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। प्रशासन अब उसके नेटवर्क और पुराने संपर्कों की गहराई से जांच कर रहा है।










