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पीएम ‘सूर्य घर योजना’ का लाभ लेने में लखनऊ अव्वल, टॉप फाइव में वाराणसी

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लखनऊ: पीएम मोदी की सरकार सौर ऊर्जा के जरिए देश में बिजली उपलब्धता की समस्या को समाप्त करने के लिए सरकार कई प्रयास कर रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी 75 जिलों के लिए अलग-अलग लक्ष्य तय किया है। सीएम योगी स्वयं इस योजना की सतत मॉनीटरिंग कर रहे हैं। इसी साल शुरू हुई पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत मात्र सात महीने में ही लखनऊ जनपद में सर्वाधिक रूफ टॉप पैनल इंस्टॉल किये गये हैं। वहीं इसी क्रम में वाराणसी, कानपुर, आगरा और कानपुर नगर टॉप फाइव में हैं। 

वाराणसी दूसरे स्थान पर 4088 सोलर पैनल इंस्टॉल

मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने पीएम सूर्य घर योजना की समीक्षा कर बताया की लखनऊ जनपद में सर्वाधिक 11,435, वाराणसी में 4088, कानपुर में 1909, आगरा 1364 और प्रयागराज में 1349 रूफ टॉप पैनल लगाये गये हैं। प्रदेश के अन्य जनपदों में भी तेजी से अभियान को आगे बढ़ाया जा रहा है। मुख्य सचिव ने बिजली विभाग के अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिये हैं।

यूपी सरकार 25 लाख घरों में लगाएगी सोलर पैनल

बता दें कि पीएम सूर्य घर योजना के तहत 2027 तक देश के 1 करोड़ घरों की छत पर सोलर पैनल लगाकर सौर ऊर्जा के जरिए बिजली उत्पादन और उपभोग करना है। जनता पर बिजली के बिल के बोझ को कम करने के लिए शुरू की गई इस योजना को उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने तेजी से आगे बढ़ाने का संकल्प लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में 25 लाख घरों पर सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

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संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।