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बलिया: अवकाश के बाद जीवन को बनाएं सक्रिय और सार्थक, पेंशनरों को अपने ऊपर खर्च करने की सलाह

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बलिया। अवकाश ग्रहण करने का अर्थ जीवन की सक्रियता समाप्त करना नहीं, बल्कि बचे हुए समय का सार्थक और सकारात्मक उपयोग करना है। यह विचार वरिष्ठ कोषाधिकारी (एसटीओ) आनंद दूबे ने गवर्मेन्ट पेंशनर्स वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित मासिक बैठक में व्यक्त किए। कार्यक्रम पेंशनर भवन के सभागार में आयोजित हुआ।

एसटीओ आनंद दूबे ने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद व्यक्ति को अपनी दिनचर्या को ऊर्जावान बनाए रखना चाहिए और जीवन के हर पल का सदुपयोग करना चाहिए। उन्होंने पेंशनरों को सलाह दी कि वे अपनी पेंशन राशि में से कम से कम पांच हजार रुपये प्रतिमाह स्वयं के स्वास्थ्य, अध्ययन और मनोरंजन पर अवश्य खर्च करें। उन्होंने बताया कि देश के पहले पेंशनर पार्क का उद्देश्य यही है कि पेंशनर वहां बैठकर मानसिक और शारीरिक ऊर्जा का संचार करें, अध्ययन करें तथा अपने अनुभवों और सार्थक सुझावों को एक-दूसरे के साथ साझा करें।

इस अवसर पर संगठन के अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह, रामजी सिंह, अवधेश यादव, भोला प्रसाद आग्नेय, अवधेश सिंह, जनार्दन सिंह एवं कृष्ण कुमार शर्मा ने वरिष्ठ कोषाधिकारी आनंद दूबे को बुके भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में फत्तेह चंद बेचैन, कमलेश कुमार गुप्ता, रफिउल्लाह अंसारी, शमशेर सिंह, ओमनारायण तिवारी, अरुण कुमार खरवार सहित अनेक पेंशनर उपस्थित रहे।

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