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MGKVP दीक्षांत समारोह: राज्यपाल मंच पर थी और दो बार कटी लाइट, अंधेरें में माइक भी हुआ खराब, कुलपति ने जताई नाराजगी

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वाराणसी: महात्मा गाँधी काशी विद्यापीठ आज दीक्षांत समारोह का कार्यक्रम चल रहा है. ऐसे में काशी विद्यापीठ के दीक्षांत समारोह के दौरान बुधवार को दो बार अचानक से लाइट कट गयी। बिजली जाने के साथ ही गांधी सभागार के माहौल में सन्नाटा छा गया. इसके साथ ही राज्यपाल का माइक भी खराब हो गया। कुलपति ने बिना माइक के ही अपना संबोधन शुरू किया। इस दौरान कुलपति काफी उदास नजर आए।

बता दें की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल मंच पर उपस्थित थीं। जैसे ही उन्होंने बुकलेट उठाकर पढ़ना शुरू किया, लाइट फिर से 30 सेकंड के लिए चली गई। जब उन्होंने दीक्षांत समारोह की घोषणा के लिए माइक उठाया, तो वह भी काम नहीं कर रहा था। इसके बावजूद, उन्होंने बिना माइक के ही समारोह की शुरुआत की घोषणा की।

इस दौरान पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के CMD आर के त्यागी भी मंच पर थे। माइक न चलने पर यूनिवर्सिटी के कुलपति ने स्टाफ के प्रति नाराजगी दिखाई। राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री रजनी तिवारी ने कहा कि सभी को सेवा का लक्ष्य रखना चाहिए और राज्यपाल हमारे लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उन्होंने राज्यपाल की इच्छाओं का जिक्र करते हुए कहा कि वह चाहती हैं कि विश्वविद्यालय और आंगनवाड़ी केंद्र बेहतर हों।

कुलपति ने बताया कि इस वर्ष विश्वविद्यालय ने 18 छात्रों को गोल्ड मेडल से सम्मानित किया, जिनमें से 12 मेडल लड़कियों ने जीते हैं, जो उनकी बढ़ती उपलब्धियों का संकेत है। 90 छात्रों को शोध उपाधि भी दी गई। 

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संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

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