मिर्जापुर: मिर्जापुर जिले में गंगा नदी का जलस्तर खतरनाक सीमा को पार करते हुए 78.390 मीटर तक पहुंच गया है, जिससे बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई है। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के राहत कार्यों को लेकर जनता में गहरा आक्रोश है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि “मदद के नाम पर केवल फोटोबाजी की जा रही है, वास्तविक सहायता नहीं मिल रही।”

सदर और चुनार तहसील के अंतर्गत आने वाले दर्जनों गांव बाढ़ की चपेट में हैं, जिनमें श्रीपट्टी, हरसिंहपुर और मल्लेपुर जैसे इलाके सर्वाधिक प्रभावित बताए जा रहे हैं। गंगा का उफान लगातार गांवों की ओर बढ़ रहा है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। ग्रामीण पलायन करने को मजबूर हैं और कई परिवार पहले ही सुरक्षित स्थानों की ओर रुख कर चुके हैं।

प्रशासन का दावा है कि जिले में 37 बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है, लेकिन स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सिर्फ नाम के लिए चौकियां बनी हैं, कोई मदद नहीं पहुंच रही। राहत सामग्री, नाव की सुविधा, सुरक्षित ठिकानों की व्यवस्था जैसी बुनियादी सहायता अब तक नदारद है।
सोमवार सुबह से लगातार तेज बारिश हो रही है, जिससे हालात और बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है। यदि बारिश इसी तरह जारी रही तो जलस्तर और बढ़ सकता है, जिससे नए इलाके भी बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं।
गंगा के रौद्र रूप से तटीय इलाकों के ग्रामीणों में दहशत है। लोग ऊंचे स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। पीड़ितों ने प्रशासन से तुरंत राहत एवं बचाव कार्य तेज करने और वास्तविक मदद सुनिश्चित करने की मांग की है।
रिपोर्ट- बसंत कुमार गुप्ता








