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मीरजापुर: नियमित दवा से संभव है टीबी का इलाज, श्रमिकों को किया जागरूक

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मीरजापुर। भारत को टीबी मुक्त बनाने के अभियान के तहत मंगलवार को जिला क्षय रोग विभाग की टीम ने जनपद के नरायनपुर विकास खंड अंतर्गत भरेठा गांव स्थित उषा मार्का ईंट भट्टे पर कार्यरत श्रमिकों को टीबी रोग के प्रति जागरूक किया। इस दौरान श्रमिकों को टीबी के लक्षण, बचाव और इलाज से जुड़ी संपूर्ण जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में क्षय रोग विभाग के डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर सतीश शंकर यादव ने श्रमिकों को टीबी रोग के प्रमुख लक्षणों के बारे में विस्तार से बताया और विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जा रही नि:शुल्क जांच व उपचार सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यदि आसपास किसी भी व्यक्ति में टीबी से जुड़े लक्षण दिखाई दें तो उसे नजदीकी सरकारी अस्पताल में जांच व इलाज के लिए अवश्य ले जाएं, ताकि देश को टीबी मुक्त बनाने के अभियान में सभी का योगदान सुनिश्चित हो सके।

उन्होंने बताया कि टीबी एक गंभीर लेकिन पूरी तरह से ठीक होने वाला रोग है, इससे घबराने की जरूरत नहीं है। नियमित रूप से दवा का सेवन कर इस बीमारी को पूरी तरह से समाप्त किया जा सकता है।

इस मौके पर ईंट भट्टा श्रमिकों के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में क्षय रोग विभाग से अखिलेश कुमार, इफ्तिखार अहमद तथा भट्टा मालिक महेंद्र कुमार सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

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