वाराणसी: शनिवार को वाराणसी जिला जज कोर्ट में श्रृंगार गौरी और ज्ञानवापी मस्जिद से जुड़े तीन मामलों की सुनवाई हुई। जिला जज संजीव पांडे ने वादिनी महिलाओं द्वारा दायर आठ याचिकाओं का शेड्यूल भी देखा। वकीलों ने ज्ञानवापी सर्वे के संबंध में मुस्लिम पक्ष द्वारा आपत्ति ना दाखिल करने पर सवाल उठाए।
वादिनी महिलाओं ने ज्ञानवापी मूलवाद को चल रहे केसों के साथ जोड़ने की अपील की, यह बताते हुए कि यह मूलवाद 1991 में निचली अदालत में दर्ज किया गया था। उनका कहना था कि चूंकि केस समान प्रकृति के हैं, इनकी एक साथ सुनवाई होनी चाहिए।
इस सुनवाई के दौरान, जिला जज ने महत्वपूर्ण याचिकाओं पर वकीलों का पक्ष सुना और वाद मित्र विजयशंकर रस्तोगी को केस को निचली अदालत से स्थानांतरित करने के लिए नोटिस भेजा। दोनों पक्षों ने ज्ञानवापी में मां श्रृंगार गौरी के नियमित दर्शन-पूजन, तहखाने की मरम्मत, और मुस्लिम नमाजियों को तहखाने की छत पर रोकने की मांग पर जिरह की।









