वाराणसी: आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के काशी आगमन के दौरान हिंदुत्व और परंपरा के पालन को लेकर जबरदस्त विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। आज शाम 5 बजे, भारत माता मंदिर, सिगरा में काशीवासियों ने उनके समक्ष प्रयागराज महाकुंभ का पवित्र जल अर्पित किया। यह विरोध इस बात को लेकर किया गया कि महाकुंभ में लाखों श्रद्धालु हिंदुत्व की आस्था के प्रतीक स्वरूप स्नान करते हैं, लेकिन स्वयं को हिंदुत्व का सबसे बड़ा संरक्षक कहने वाले मोहन भागवत इस धार्मिक अनुष्ठान से दूर रहे।
मोहन भागवत का हिंदुत्व केवल मंच तक सीमित – विकास सिंह
इस प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे विकास सिंह ने मोहन भागवत पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, “संघ प्रमुख केवल हिंदुत्व की राजनीति करते हैं, परंतु जब इसे जीने और निभाने की बात आती है, तब वे स्वयं पीछे हट जाते हैं। महाकुंभ का स्नान सनातन परंपरा की आत्मा है, लेकिन भागवत जी इससे दूर रहकर यह स्पष्ट कर चुके हैं कि उनका हिंदुत्व केवल भाषणों और प्रचार तक सीमित है।”






