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वाराणसी: कोहरे के कारण एक घंटे हवा में चक्कर काटने के बाद विमान की लैंडिंग

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वाराणसी: बाबतपुर स्थित लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर कोहरे के कारण विमानों की उड़ानें प्रभावित हो रही हैं। बुधवार को कम दृश्यता के कारण इंडिगो के दो विमानों को डायवर्ट और विलंबित करना पड़ा। 

एयरपोर्ट अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली से आने वाला इंडिगो का विमान 6ई 2211 सुबह 9 बजे बाबतपुर हवाई क्षेत्र में पहुंचा। दृश्यता सामान्य से कम होने के कारण विमान करीब एक घंटे तक हवा में चक्कर लगाता रहा और अंततः 10 बजे लैंड कर पाया।

वहीं मुंबई से उड़ान भरने वाला इंडिगो का विमान 6ई 371 सुबह 8:30 बजे बाबतपुर एयरपोर्ट पर पहुंचा, लेकिन दृश्यता के कम होने से पायलट को एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) से निर्देश मिला और विमान को कोलकाता एयरपोर्ट पर डायवर्ट करना पड़ा। दोपहर 12:30 बजे यह विमान कोलकाता से वाराणसी वापस पहुंचा।

एयरपोर्ट अधिकारियों ने बताया कि सामान्यतः विमानों के उतरने के लिए 1200 मीटर की दृश्यता आवश्यक होती है। इसे अब 600 मीटर पर लैंडिंग के लिए अनुकूल किया जा रहा है। इस माह अब तक तीन उड़ानें रद्द और पांच विमानों को डायवर्ट किया जा चुका है। पिछले साल कोहरे के चलते 60 दिनों में 400 उड़ानें रद्द हुई थीं। जैसे-जैसे सर्दी बढ़ रही है, विमान सेवाओं पर कोहरे का असर दिखने लगा है।

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संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।