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संसद के पास मस्जिद में सपा सांसदों की बैठक पर सियासी घमासान, डिप्टी सीएम बोले- ‘नमाजवादी’, अखिलेश ने किया पलटवार

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नई दिल्ली: संसद भवन के पास स्थित मस्जिद में समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव और उनके सांसदों की कथित बैठक को लेकर सियासी विवाद गहराता जा रहा है। इस मुद्दे पर अब उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने अखिलेश यादव को “नमाजवादी” करार देते हुए उन पर धर्म के राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप लगाया है।

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा, “संविधान में साफ तौर पर लिखा गया है कि हम धर्म का इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्यों के लिए नहीं करेंगे। लेकिन सपा मुखिया बार-बार संविधान का उल्लंघन करते हैं। उन्हें संविधान पर कोई भरोसा नहीं है।”

डिप्टी सीएम के इस बयान के बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी पलटवार करने में देर नहीं की। उन्होंने कहा, “आस्था जोड़ती है। जो आस्था जोड़ने का काम करती है, हम उसके साथ हैं। लेकिन भाजपा चाहती है कि कोई न जुड़े, दूरियां बनी रहें। हम सभी धर्मों में आस्था रखते हैं। भाजपा का असली हथियार धर्म है, जिससे वो लोगों को बांटती है।”

बता दें कि संसद सत्र के दौरान सपा सांसदों की मस्जिद में कथित बैठक की खबरों को लेकर भाजपा नेताओं ने सवाल उठाए थे और इसे राजनीतिक उद्देश्यों के लिए धार्मिक स्थल के उपयोग से जोड़कर देखा जा रहा है।

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संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।