गाजीपुर। वाराणसी जा रहे बलिया के समाजवादी पार्टी सांसद सनातन पांडेय को दांडी-बिरनो टोल प्लाजा के पास पुलिस द्वारा रोके जाने से सियासी माहौल गरमा गया। इस कार्रवाई से नाराज सपा सांसद, विधायक और कार्यकर्ताओं ने टोल प्लाजा पर धरना प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
बताया गया कि वाराणसी के माणिक घाट पर अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति टूटने की घटना के बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा गठित समिति के सदस्य के रूप में सांसद सनातन पांडेय 25 जनवरी को माणिक घाट जा रहे थे। इसी दौरान दांडी-बिरनो टोल प्लाजा पर प्रशासन ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया।
इससे आक्रोशित सांसद अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए। धरने की सूचना मिलते ही आसपास के क्षेत्रों से सपा के सैकड़ों कार्यकर्ता मौके पर जुट गए। नारेबाजी के बीच जंगीपुर विधायक डॉ. वीरेंद्र यादव, सदर विधायक जय किशन साहू, जमानिया विधायक ओमप्रकाश सिंह सहित कई वरिष्ठ नेता धरने में शामिल हुए।
भीड़ बढ़ने पर कार्यकर्ता पैदल मार्च करते हुए वाराणसी की ओर बढ़ने लगे, जिसे पुलिस ने रोकने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और सपा नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। सपा नेताओं ने सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
जंगीपुर विधायक डॉ. वीरेंद्र यादव ने कहा कि यह लोकतंत्र और विपक्ष पर सीधा हमला है तथा किसी जनप्रतिनिधि को प्रशासन के जरिए आने-जाने से रोका नहीं जा सकता। जमानिया विधायक ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि इस मुद्दे को वे सदन में उठाएंगे और ऐसा रवैया स्वीकार्य नहीं है। वहीं सदर विधायक जय किशन साहू ने सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि “जिनके नाम में ही सनातन है, उनसे सरकार डरी हुई है।”
मौके पर सपा जिला अध्यक्ष गोपाल यादव सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता मौजूद रहे। घटना के बाद क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना रहा, जबकि प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने में जुटा रहा।
रिपोर्टिंग: उमेश यादव








