मिर्जापुर। यूजीसी के Promotion of Equity Regulations 2026 के विरोध में सवर्ण आर्मी और करणी सेना ने मिर्जापुर में जोरदार प्रदर्शन किया। सवर्ण आर्मी के जिला अध्यक्ष मुकेश पांडे के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जिला पंचायत से मार्च निकालते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और यूजीसी के नियमों को “काला कानून” बताते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की।
मुकेश पांडे ने कहा कि जातिगत और तुष्टिकरण की राजनीति देश और समाज के लिए विष के समान है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान नीतियां शिक्षा संस्थानों में निष्पक्षता के बजाय भय और असंतुलन पैदा कर रही हैं। उनका कहना था कि समानता के नाम पर सामान्य वर्ग के छात्रों के साथ अन्याय किया जा रहा है, जिससे मेहनती छात्रों के सपने टूट रहे हैं। यह लड़ाई केवल नौकरी या सीट की नहीं, बल्कि बच्चों के आत्मसम्मान और भविष्य की है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यूजीसी के नियमों के तहत गठित इक्विटी कमेटियों में निष्पक्ष और स्वतंत्र प्रतिनिधित्व का अभाव है, शिकायतों की परिभाषा बहुत व्यापक है और झूठी शिकायतों पर कोई स्पष्ट जवाबदेही तय नहीं की गई है। उन्होंने मांग की कि सभी छात्रों के लिए समान और पारदर्शी शिकायत तंत्र बनाया जाए तथा नियमों पर पुनर्विचार किया जाए।
सवर्ण आर्मी और करणी सेना के नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने यूजीसी के नियम वापस नहीं लिए, तो वे सड़क से संसद तक आंदोलन करने को मजबूर होंगे। प्रदर्शन में राजमणि दुबे, मधुकर मिश्रा, विनोद सिंह, शिवचंद्र प्रकाश पाठक, प्रदीप कुमार सिंह, मोनू सिंह, संदीप तिवारी, अभिषेक सिंह धवल सहित सवर्ण आर्मी मिर्जापुर और करणी सेना मिर्जापुर के कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
ब्यूरो रिपोर्ट: बसंत कुमार गुप्ता








