मुंबई: बाम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच ने कहा है कि अगर पत्नी की उम्र 18 साल से कम है, तो सहमति से यौन संबंध बनाने वाले के खिलाफ भी रेप का मामला दर्ज हो सकता है। उच्च न्यायालय ने दोषसिद्धि को बरकरार रखा है।
दोषी का तर्क था कि पीड़िता के साथ यौन संबंध सहमति से बनाए गए थे और उस समय वह उसकी पत्नी थी। ऐसे में इसे बलात्कार नहीं कहा जा सकता है। जस्टिस गोविंद सनप की बेंच मामले की सुनवाई कर रही थी।









