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वाराणसी : धार्मिक पहचान छिपाकर बनाया संबंध, बेटी पैदा होने पर बोला- इस्लाम कबूल करो तो करेंगे शादी 

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वाराणसी: जंगमबाड़ी क्षेत्र में एक युवक द्वारा धार्मिक पहचान छिपाकर युवती के साथ दोस्ती और दुष्कर्म का मामला सामने आया है। आरोप है कि साहिल खान नामक युवक ने खुद को ब्राह्मण बताते हुए युवती से दोस्ती की और उसे नशीला पदार्थ खिलाकर दुष्कर्म किया। युवती ने एक बच्ची को जन्म दिया, जिसके बाद साहिल ने उसे इस्लाम कबूल करने का दबाव डालते हुए शादी का वादा किया।

मामला यहां से शुरू हुआ

2017 में इवेंट मैनेजमेंट कंपनी में काम के दौरान साहिल ने खुद को कौशल मिश्रा बताकर युवती से संबंध बनाए। बाद में गर्भवती होने का पता लगने पर डॉक्टरों ने गर्भपात करने से मना कर दिया, जिससे युवती ने बच्ची को जन्म दिया। इसके बावजूद साहिल शादी का आश्वासन देता रहा। जब युवती ने शादी की बात की, तो साहिल ने अपनी असल पहचान उजागर करते हुए इस्लाम धर्म स्वीकारने की शर्त रखी। साहिल के अत्याचारों और धमकियों से तंग आकर युवती ने घर छोड़कर मुंबई के एक एक्टिंग इंस्टीट्यूट में एडमिशन ले लिया, लेकिन साहिल लगातार उसे और उसके परिवार को धमकाता रहा।

पुलिस ने विभिन्न धाराओं में दर्ज किया मुकदमा

18 दिसंबर 2023 को युवती के कैंसर पीड़ित पिता के निधन के बाद भी साहिल ने धमकियां जारी रखीं और घर आकर युवती की मां और परिजनों को जान से मारने की धमकी दी। युवती की मां की शिकायत पर दशाश्वमेध थाने में साहिल खान के खिलाफ दुष्कर्म, धमकी और शारीरिक शोषण के आरोपों में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

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संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

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