नई दिल्ली। नए साल की शुरुआत में जहां चीन की ओर से भारत को धमकी भरे संकेत मिले, वहीं भारत के करीबी मित्र रूस ने ऐसा बयान दिया है जिससे रणनीतिक हलकों में उत्साह देखा जा रहा है। रूस ने भारत को अत्याधुनिक मानव रहित रोबोटिक ग्राउंड व्हीकल ‘टर्मिनेटर’ देने की पेशकश की है, जिसे सीमा क्षेत्रों में बेहद कारगर बताया जा रहा है।
यह ‘टर्मिनेटर’ रूस की डिफेंस कंपनी उरालवागोनजावोद द्वारा विकसित किया गया है। यह एक ऑटोनॉमस अनमैन ग्राउंड व्हीकल है, जो खतरनाक इलाकों में जासूसी के साथ-साथ दुश्मन के बंकर, चेकपोस्ट और पेट्रोलिंग वाहनों को नष्ट करने में सक्षम है। इसमें 7-ट्यूब रॉकेट लॉन्चर सिस्टम, मशीन गन और लॉइटरिंग ड्रोन तैनात किए जा सकते हैं।
रूसी रक्षा मंत्री आंद्रे बेलोसोव ने कहा है कि भारत को एलओसी और एलएसी जैसे संवेदनशील इलाकों के लिए ऐसे ऑटोनॉमस हथियारों की जरूरत है। माना जा रहा है कि अगर भारत इस सिस्टम को अपनाता है तो चीन और पाकिस्तान की सीमा पर चुनौतियां बढ़ सकती हैं, जिससे दोनों देशों के साथ-साथ अमेरिका में भी हलचल देखी जा रही है।
फिलहाल भारतीय सेना के पास डीआरडीओ द्वारा विकसित कुछ सेमी-ऑटोमेटिक ग्राउंड व्हीकल्स हैं, लेकिन पूरी तरह ऑटोमेटिक और हथियारों से लैस सिस्टम की कमी है। ऐसे में रूस का ‘टर्मिनेटर’ भारतीय सेना के लिए एक संभावित गेमचेंजर साबित हो सकता है।








