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झांसी मेडिकल कॉलेज हादसे पर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कैंडल जलाकर दी श्रद्धांजलि?

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वाराणसी: बनारस में समाजवादी पार्टी ने झांसी मेडिकल कॉलेज में आग लगने से शहीद हुए 10 से ज्यादा मासूमों की आत्मा की शांति के लिए श्रद्धांजलि अर्पित की है। इस दुखद घटना पर सपा कार्यकर्ताओं ने सोमवार की शाम को बेनियाबाग से कैंडल मार्च निकाला, जो राजनारायण पार्क बेनियाबाग में श्रद्धांजलि सभा में परिवर्तित हो गया।

समाजवादी पार्टी युवजन सभा के महानगर अध्यक्ष राहुल गुप्ता ने कहा कि यह हादसा नहीं, बल्कि संस्थागत हत्या है। उन्होंने मृतक शिशुओं के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और कहा कि उस मां के आंसू और भावना को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता जिसने अपनी औलाद को खो दिया है।

समाजवादी पार्टी लोहिया वाहिनी के महानगर अध्यक्ष संदीप मिश्रा ने झांसी मेडिकल कॉलेज की घटना के लिए जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा है कि झांसी मेडिकल कॉलेज में आग लगने से 10 से ज्यादा बच्चों की मृत्यु एवं कई बच्चों के घायल होने का समाचार बेहद दुखद एवं चिंताजनक है। उन्होंने सभी पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदनात्मक श्रद्धांजलि अर्पित की है।

श्रद्धांजलि सभा में रविकांत विश्वकर्मा, अनूप खरवार, संदीप यादव उर्फ लालू, कृष यादव, प्रवीण कसेरा, देव कुमार, अमन खान, मिर्जा अलतमस, फिरोज अहमद, बृजेन्द्र मौर्या, आशीष यादव बाबा, जन्नत अख़्तर, दानिश मिर्जा, आकाश चौधरी आदि रहे।
 

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संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

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