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वाराणसी: संविदाकर्मियों की छटनी पर सत्याग्रह फिलहाल स्थगित, निजीकरण के विरोध में 371वें दिन भी बिजली कर्मियों का प्रदर्शन जारी

वाराणसी। बिजली निजीकरण के विरोध में प्रदेशभर में जारी आंदोलन आज 371वें दिन भी वाराणसी में जोरदार प्रदर्शन के साथ जारी रहा। बनारस के बिजली कर्मियों ने अन्य जनपदों की तरह ही आज व्यापक रूप से अपना विरोध दर्ज कराया।

संघर्ष समिति वाराणसी के मीडिया सचिव अंकुर पांडेय ने बताया कि जहाँ एक ओर प्रदेशव्यापी आंदोलन लगातार तेज हो रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रबंधन द्वारा नगरीय विद्युत वितरण मंडल-द्वितीय वाराणसी सहित पूर्वांचल के आठ मंडलों में लगभग एक हजार संविदाकर्मियों की छटनी का प्रयास किया जा रहा है।

वाराणसी में संघर्ष समिति ने संविदाकर्मियों की छटनी के खिलाफ 48 घंटे के भीतर आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी थी। इसी बीच अधीक्षण अभियंता ई. सचिन कुमार ने संघर्ष समिति से वार्ता कर संविदाकर्मियों की आजीविका से जुड़े मुद्दों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने और उच्चाधिकारियों से समाधान निकालने का आश्वासन दिया। उनके अनुरोध पर संघर्ष समिति ने कल से प्रस्तावित सत्याग्रह आंदोलन को अगले निर्णय तक स्थगित कर दिया है।

7 दिसंबर को लखनऊ में होगी बड़ी मीटिंग

वक्ताओं ने कहा कि पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगमों के निजीकरण के विरोध में एक वर्ष से अधिक समय से जारी संघर्ष को और गति देने के लिए 07 दिसंबर को लखनऊ में बड़ी बैठक बुलाई गई है।

इसमें आंदोलन की अगली रणनीति तय की जाएगी। संयुक्त किसान मोर्चा और किसान मजदूर मोर्चा ने भी निजीकरण, इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 और प्रीपेड मीटर के विरोध में आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है।

  • 05 दिसंबर: किसान मजदूर मोर्चा का बड़ा आंदोलन
  • 08 दिसंबर: संयुक्त किसान मोर्चा का व्यापक विरोध प्रदर्शन

एक साल में बढ़ा दमन, 25 हजार से अधिक संविदा कर्मी बाहर — संघर्ष समिति

संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि पिछले एक वर्ष में प्रबंधन ने बिजली कर्मियों पर “उत्पीड़नात्मक कार्रवाइयाँ” तेज कर दी हैं। इनमें प्रमुख रूप से—

  • 25,000 से अधिक संविदाकर्मियों को नौकरी से निकाला गया
  • हजारों बिजली कर्मियों का दूरस्थ स्थानों पर तबादला
  • फेशियल अटेंडेंस के नाम पर महीनों वेतन रोका गया
  • संघर्ष समिति के पदाधिकारियों पर फर्जी FIR दर्ज
  • पेंशनरों व कर्मियों के घरों में जबरन प्रीपेड मीटर लगाकर रियायती बिजली समाप्त करने की कार्रवाई
  • रीस्ट्रक्चरिंग कर हजारों पद समाप्त किए गए

संघर्ष समिति के अनुसार, 07 दिसंबर की बैठक में इन सभी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होगी और आंदोलन के अगले चरण की रूपरेखा तैयार की जाएगी।

सभा को ई. नवदीप सैनी, अंकुर पांडेय, राजेश सिंह, मनोज जायसवाल, हेमंत श्रीवास्तव, अभिषेक सिंह, आशुतोष शुक्ला, चंद्रशेखर सिंह, अनिल कुमार, कृष्णा सिंह सहित अन्य पदाधिकारियों ने संबोधित किया।

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