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शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने महाकुंभ में मुस्लिमों को रोकने की मांग का किया समर्थन; बोले- ‘मेरे अंगने में तुम्हारा क्या काम है’

Varanasi: प्रयागराज में होने वाले महाकुंभ में मुस्लिमों के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग का शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने समर्थन किया है। उन्होंने तर्क दिया कि जैसे मक्का-मदीना के 40 किलोमीटर के दायरे में हिंदुओं का प्रवेश वर्जित है, वैसे ही महाकुंभ में भी मुस्लिमों को प्रवेश नहीं होना चाहिए। शंकराचार्य ने कहा, “अगर मक्का-मदीना मुस्लिमों का धार्मिक स्थल है, तो कुंभ हमारा धार्मिक आयोजन है। जैसा वह अपने तीर्थों में नियम बनाते हैं, वैसे हम भी अपने आयोजनों में कर सकते हैं।” उन्होंने कहा कि यह वैसा ही है जैसे – ‘मेरे अंगने में तुम्हारा क्या काम है…’।

महाराष्ट्र चुनाव में एकनाथ शिंदे के समर्थन की अपील

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को पुनः मुख्यमंत्री चुनने का समर्थन जताया। उन्होंने कहा कि 78 वर्षों में पहली बार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने गौमाता को माता का दर्जा देने का साहस किया है। उनके इस कदम के लिए जनता को एकनाथ शिंदे का समर्थन करना चाहिए और उनकी सरकार को दोबारा चुनना चाहिए।

“बंटोगे तो कटोगे” के नारे पर शंकराचार्य का विचार

उत्तर प्रदेश में सीएम योगी का ‘बंटोगे तो कटोगे’ का नारा चर्चा में है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि इस नारे के बीच देश में लोगों को एकता के लिए प्रेरित करने वाले व्यक्तियों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा, “गाय सबको जोड़ती है और विभाजन से बचाती है, लेकिन आज लोग इसके नाम पर मुनाफा कमाने के लिए इसकी हत्या कर रहे हैं। सरकार को इस पर कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है।”

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