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गौमाता को राज्यमाता घोषित करने की मांग को लेकर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की गौप्रतिष्ठा धर्मयुद्ध शंखनाद यात्रा काशी से लखनऊ रवाना

वाराणसी । ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज ने गौमाता को राज्यमाता घोषित करने तथा प्रदेश में पूर्ण रूप से गोकशी बंद कराने की मांग को लेकर चल रहे अपने अभियान के तहत शनिवार को काशी से लखनऊ के लिए प्रस्थान किया। इस अवसर पर काशी स्थित श्रीविद्यामठ में गौपूजन के साथ “गौप्रतिष्ठा धर्मयुद्ध शंखनाद यात्रा” की शुरुआत की गई।

जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश सरकार को इस संबंध में 40 दिन की समयसीमा दी गई है, जिसका शनिवार को 36वां दिन था। इसी क्रम में शंकराचार्य जी महाराज ने श्रीविद्यामठ में विधिवत गौपूजन कर यात्रा का शुभारंभ किया। यात्रा के दौरान संतों का समूह शंखनाद करते हुए आगे-आगे चल रहा था, जिससे वातावरण धार्मिक भावनाओं से गूंज उठा।

गौपूजन के बाद शंकराचार्य जी महाराज ने चिंतामणि गणेश मंदिर पहुंचकर भगवान गणेश का दर्शन, पूजन और आरती की। इसके पश्चात वे गौभक्तों की भारी भीड़ के साथ संकटमोचन मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान हनुमान और श्रीराम दरबार के दर्शन किए। मंदिर परिसर में हजारों भक्तों के साथ उन्होंने सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा, हनुमानाष्टक और बजरंगबाण का पाठ किया। शनिवार होने के कारण मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या मौजूद थी।

अपने बीच शंकराचार्य जी को पाकर भक्त भावविभोर हो उठे और जयकारों के साथ उनका स्वागत किया।शंकराचार्य जी महाराज के मीडिया प्रभारी संजय पांडेय ने बताया कि संकटमोचन मंदिर से दर्शन-पूजन के बाद शंकराचार्य जी पूर्व निर्धारित मार्ग से लखनऊ के लिए रवाना हो गए। यात्रा के दौरान जिन-जिन मार्गों से उनका काफिला गुजरा, वहां भक्तों ने पुष्पवर्षा कर उनका भव्य स्वागत और अभिनंदन किया।

उन्होंने बताया कि शंकराचार्य जी महाराज 11 मार्च को लखनऊ पहुंचकर विजय मुहूर्त में “गौप्रतिष्ठा धर्मयुद्ध” का शंखनाद करेंगे। काशी से लखनऊ की यात्रा के दौरान मार्ग में पड़ने वाले विभिन्न शहरों में वे कई स्थानों पर गौसभा भी करेंगे, जिसमें गौसंरक्षण और गौसम्मान के विषय पर लोगों को जागरूक किया जाएगा।

मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय उत्तर प्रदेश

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