Search
Close this search box.

शिवाजी जयंती पर काशी में गोप्रतिष्ठा धर्मयुद्ध शंखनाद यात्रा का शुभारंभ, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने गौरक्षा संकल्प दिलाया

वाराणसी। छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती के अवसर पर काशी स्थित शंकराचार्य घाट पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें गोप्रतिष्ठा धर्मयुद्ध शंखनाद यात्रा का शुभारंभ हुआ। यह कार्यक्रम ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज के सान्निध्य में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत शंकराचार्य जी महाराज द्वारा विधिवत गंगा पूजन से हुई।

इसके बाद उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज के चित्र पर तिलक कर पुष्प अर्पित किए और उपस्थित लोगों को गौरक्षा का संकल्प दिलाया।अपने संबोधन में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज हिंदवी स्वराज्य के संस्थापक थे और उन्हें गौ-ब्राह्मण प्रतिपालक के रूप में भी जाना जाता है।

उन्होंने बताया कि शिवाजी महाराज ने बाल्यकाल से ही गौमाता की रक्षा का संकल्प लिया था और धर्म तथा राष्ट्र की रक्षा के लिए जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म के शास्त्रों में राजा का कर्तव्य गौ, ब्राह्मण और देवालयों की रक्षा करना बताया गया है।शंकराचार्य जी महाराज ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार को गौमाता को राज्यमाता घोषित करने और प्रदेश में पूर्ण रूप से गोकशी पर प्रतिबंध लगाने के लिए 40 दिन का समय दिया गया था, जिसमें से 35 दिन पूरे हो चुके हैं।

उन्होंने कहा कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर इस दिशा में निर्णय नहीं लिया गया, तो व्यापक स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने उपस्थित लोगों से आह्वान किया कि सभी हिंदू समाज एकजुट होकर गौ, ब्राह्मण और मंदिरों की रक्षा के लिए संकल्प लें।कार्यक्रम के दौरान कलाकारों द्वारा छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित एक लघु नाटिका भी प्रस्तुत की गई, जिसमें शिवाजी महाराज द्वारा गौ रक्षा के प्रसंगों को प्रमुखता से दर्शाया गया।

इस अवसर पर अखिल भारतीय सारस्वत परिषद की ओर से शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज को गौरक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे उनके प्रयासों के लिए ‘करपात्र गौभक्त सम्मान’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान संस्था के प्रतिनिधियों गिरीश चंद्र तिवारी और प्रोफेसर विवेकानंद तिवारी द्वारा संयुक्त रूप से प्रदान किया गया।

कार्यक्रम के अंत में शंकराचार्य जी महाराज के मीडिया प्रभारी संजय पांडेय ने बताया कि शंकराचार्य जी महाराज 7 मार्च को प्रातः श्रीविद्यामठ से लखनऊ के लिए प्रस्थान करेंगे। मार्ग में वे काशी के विभिन्न मंदिरों में दर्शन-पूजन करेंगे और 11 मार्च को लखनऊ पहुंचकर गोप्रतिष्ठा धर्मयुद्ध शंखनाद करेंगे।

मीडिया प्रभारी संजय पांडेय

Leave a Comment

और पढ़ें