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वाराणसी के सतुआ बाबा आश्रम में एक सप्ताह तक होगा शिव महापुराण का वाचन, जुटेगी 5 लाख श्रद्धालुओं की भीड़

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वाराणसी: डोमरी स्थित सतुआ बाबा आश्रम में 20 से 26 नवंबर तक आयोजित होने वाली शिवमहापुराण कथा की तैयारियां ज़ोरों पर हैं। इस पावन कथा के वाचन के लिए व्यास पीठ पर कथावाचक प्रदीप मिश्रा उपस्थित होंगे। इस दौरान 5-6 लाख श्रद्धालुओं के उपस्थित होने की संभावना है। इसकी जानकारी आश्रम के प्रमुख संतोष दास उर्फ़ ‘सतुआ बाबा’ ने दी।  

सतुआ बाबा ने बताया कि एक सप्ताह तक काशी शिवमय होगी। यह आयोजन बाबा विश्वनाथ की नगरी में मां गंगा के तट पर आयोजित होने जा रहा है। इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं। आयोजन स्थल पर पंडाल को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इस पंडाल में लगभग 50 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था है। दो दिन पहले से ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया है। 

बताया कि प्रशासन का भी इस कार्यक्रम में पूरा सहयोग मिल रहा है। बिजली विभाग, नगर निगम और अन्य विभागों के अधिकारी तैयारियों को सुचारू बनाने में जुटे हुए हैं। पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया जा रहा है।  कार्यक्रम स्थल पर शौचालय, जल, भोजन आदि की भी व्यवस्था की गई है। वहीं पार्किंग, बैठने की सुविधा और अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इस विशेष आयोजन के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी आमंत्रित किया गया है। 

सतुआ बाबा ने आगे बताया कि इस आध्यात्मिक कथा का प्रसारण 170 देशों में लाइव किया जाएगा, जिससे दुनियाभर के श्रद्धालु जुड़ सकेंगे।  यह आयोजन न केवल धर्म और आस्था का प्रतीक बनेगा, बल्कि वाराणसी और उसके आसपास के क्षेत्रों में धार्मिक ऊर्जा और उत्साह का संचार करेगा। इस पवित्र कथा के माध्यम से श्रद्धालु शिव की महिमा का अनुभव करेंगे और दिव्य वातावरण का आनंद लेकर अपनी आस्था को और गहरा करेंगे।

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संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

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