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वाराणसी में बोले शिवराज सिंह चौहान- आपातकाल संविधान की हत्या थी, देश से माफी मांगे कांग्रेस

वाराणसी: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को वाराणसी में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में आपातकाल को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि वर्ष 1975 में लगाया गया आपातकाल संविधान की हत्या के समान था, जिसे कांग्रेस ने सिर्फ अपनी सत्ता बचाने के लिए लागू किया।

उन्होंने कहा, “तानाशाही कांग्रेस के डीएनए में है। इंदिरा गांधी ने लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाते हुए देश को जबरन आपातकाल में झोंक दिया।शिवराज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना करते हुए कहा कि मोदी लोकतंत्र को जीते हैं, उन्होंने संसद पर मत्था टेककर संविधान का सम्मान किया, जो इस बात का प्रमाण है कि लोकतंत्र बीजेपी के स्वभाव में है।

उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने संविधान की मूल भावना का सम्मान करते हुए नीति आयोग का गठन किया और जरूरत पड़ने पर विपक्षी नेताओं को भी विदेश प्रतिनिधिमंडल में शामिल किया। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि आज भी कांग्रेस एक व्यक्ति की तानाशाही में चल रही है।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि देश की नई पीढ़ी को यह जानना जरूरी है कि आपातकाल के दौर में क्या-क्या हुआ। इसलिए आज ‘संविधान हत्या दिवस’ मनाया जा रहा है। कांग्रेस को आपातकाल थोपने के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए।”

इस दौरान पत्रकार वार्ता में भाजपा के कई पदाधिकारी और स्थानीय नेता भी उपस्थित रहे। शिवराज सिंह चौहान अपने एक दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचे थे और विभिन्न संगठनात्मक कार्यक्रमों में भाग लिया।

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