सोनभद्र। दुद्धी ब्लॉक का चर्चित जोरकहू पिकनिक स्पॉट अपनी अनोखी प्राकृतिक खूबसूरती के बावजूद आज भी उपेक्षा का शिकार बना हुआ है। हरियाली से घिरा शांत वातावरण, बीच से बहती कनहर नदी और आसपास की ऊँची–नीची पहाड़ियां इस स्थल को बेहद आकर्षक बनाती हैं। इसके बावजूद यह स्थान सरकारी संसाधनों और विकास कार्यों से कोसों दूर है।
पर्यटकों का पसंदीदा लेकिन सुविधाओं से महरूम
हर दिन सैकड़ों की संख्या में लोग जोरकहू पहुंचकर नदी के मध्य स्थित बड़ी चट्टानों पर बैठते हैं, फोटो खिंचवाते हैं और परिवार संग समय बिताते हैं। आसपास के घने जंगल और पक्षियों की चहचहाहट लोगों को प्राकृतिक शांति का एहसास कराती है।
महुली, दुद्धी और आसपास के ग्रामीण व कस्बों से लोग छुट्टियों और पिकनिक के लिए यहां खूब पहुंचते हैं।
लेकिन बड़ी समस्या यह है कि इतनी लोकप्रियता के बावजूद यहां शौचालय, पेयजल, पार्किंग, सुरक्षा, बैठने की व्यवस्था और साफ–सफाई जैसी मूलभूत सुविधाएँ भी नहीं हैं।
पर्यटन की बड़ी संभावनाएँ, पर नजरअंदाजी जारी
कनहर नदी के किनारे बसे इस स्थल में पर्यटन के लिए हर वह प्राकृतिक संसाधन मौजूद है जो किसी भी स्पॉट को प्रसिद्ध बना सकता है। स्थानीय लोगों का मानना है कि अगर प्रशासन द्वारा यहां विकास कार्य किए जाएँ तो न सिर्फ यह इलाका पर्यटन की नई पहचान बनेगा, बल्कि रोजगार और आय के नए रास्ते भी खुलेंगे।
स्थानीय लोगों की अपील— “विकास हो, तभी बदलेगी तस्वीर”
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में रोजगार के अवसर कम हैं, ऐसे में पर्यटन एक मजबूत विकल्प साबित हो सकता है। लोगों ने प्रशासन से जोरकहू पिकनिक स्पॉट को विकसित करने की मांग की है, ताकि यह प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण स्थल उचित पहचान पा सके।









