सोनभद्र: शहर के रेस्टोरेंट और होटलों में पारदर्शिता की कमी उपभोक्ताओं की जेब पर भारी पड़ रही है। ग्राहकों का कहना है कि मेन्यू कार्ड में खाने-पीने की तय कीमत तो दर्ज होती है, लेकिन बिल बनाते समय अचानक 5 से 18 प्रतिशत तक GST (वस्तु एवं सेवा कर) जोड़ दिया जाता है।
उपभोक्ताओं की परेशानी
ग्राहकों का कहना है कि मेन्यू कार्ड देखकर उन्हें लगता है कि वही अंतिम कीमत है, लेकिन बिलिंग काउंटर पर अतिरिक्त टैक्स जोड़कर उनसे वसूली की जाती है। स्थानीय निवासी अमरनाथ गुप्ता बताते हैं – “मैंने बर्गर और कोल्ड ड्रिंक का ऑर्डर दिया। मेन्यू कार्ड में 220 रुपए लिखा था, लेकिन बिल बनाते समय 18% GST जोड़ दिया गया। यह गलत है।”
कानून क्या कहता है?
विशेषज्ञों के अनुसार, उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम और GST नियमों के तहत रेस्टोरेंट को मेन्यू कार्ड और बिलिंग स्लिप में स्पष्ट रूप से टैक्स का उल्लेख करना अनिवार्य है। बिना बताए अतिरिक्त चार्ज जोड़ना गैरकानूनी माना जाता है।
क्या करें उपभोक्ता?
- उपभोक्ता बिल में GST नंबर और टैक्स का स्पष्ट उल्लेख देखने का अधिकार रखते हैं।
- अगर मेन्यू कार्ड में GST का जिक्र नहीं है और बाद में जोड़ा जा रहा है तो इसकी शिकायत उपभोक्ता फोरम या GST विभाग में की जा सकती है।
निगरानी की मांग
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और वाणिज्य कर विभाग से मांग की है कि ऐसे रेस्टोरेंट्स और होटलों पर कड़ी निगरानी रखी जाए। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई कर उपभोक्ताओं को राहत दिलाई जाए।








