वाराणसी: जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। नोडल अधिकारियों की निगरानी में मेडिकल टीमों द्वारा फीवर ट्रैकिंग, स्रोत विनष्टिकरण और घर-घर क्लोरिन गोली वितरण का कार्य किया जा रहा है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. संदीप चौधरी ने बताया कि जनप्रतिनिधियों और पार्षदों के सहयोग से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल कैंप लगाए गए हैं। रविवार को कुल 10 कैंप आयोजित किए गए, जिनमें आशा कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर बुखार के मरीजों की सूची तैयार की। इन कैंपों में कुल 167 बुखार के मरीजों की मलेरिया और डेंगू जांच की गई, जिसमें अब तक कोई मरीज पॉजिटिव नहीं मिला। अब तक 1017 मरीजों की जांच की जा चुकी है, जबकि 48,808 क्लोरिन गोलियां घर-घर जाकर वितरित की गई हैं।

सीएमओ ने बताया कि वर्तमान में 4 बाढ़ चौकियां सक्रिय हैं, जिन पर दो शिफ्ट में 8 चिकित्सकीय टीमें तैनात हैं। इन चौकियों पर अब तक 157 दस्त के मरीज, 262 चर्म रोग के मरीज समेत कुल 2,234 मरीजों का उपचार किया गया है। इसके अलावा 1,700 ओआरएस पैकेट वितरित किए गए हैं।
शहरी हॉटस्पॉट इलाकों में मच्छरों के लार्वा की जांच और स्रोत विनष्ट करने के लिए डूडा के शहरी आजीविका केंद्र से 45 दैनिक ब्रीडिंग चेकर्स नियुक्त किए गए हैं, जिन्होंने अब तक 956 घरों की जांच कर 1,123 मच्छर प्रजनन स्रोत नष्ट किए हैं। नोडल अधिकारी नगर निगम के साथ मिलकर ब्लीचिंग और एंटीलार्वा स्प्रे का भी अनुश्रवण कर रहे हैं।









