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नई दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण पर सख्ती, DPCC ने तंदूरों में कोयला व लकड़ी के उपयोग पर लगाया बैन

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नई दिल्ली। राजधानी में लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) ने कड़े कदम उठाए हैं। समिति ने आदेश जारी करते हुए होटल, रेस्तरां और खुले भोजनालयों में कोयला और लकड़ी से चलने वाले तंदूरों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।

DPCC के निर्देशों के अनुसार अब राजधानी दिल्ली में केवल गैस या इलेक्ट्रिक तंदूर का ही उपयोग किया जा सकेगा। नियमों का उद्देश्य हवा में फैलने वाले धुएं और प्रदूषक तत्वों को नियंत्रित करना है, जिससे वायु गुणवत्ता में सुधार किया जा सके।

इसके साथ ही सड़कों के किनारे रेत, बजरी और ईंटों की बिक्री पर भी रोक लगा दी गई है, क्योंकि इससे उड़ने वाली धूल वायु प्रदूषण को और गंभीर बना रही थी।

DPCC ने स्पष्ट किया है कि इन नियमों का उल्लंघन करने वालों पर ₹5,000 का जुर्माना लगाया जाएगा। संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे नियमित रूप से निरीक्षण कर आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें।

प्रशासन का कहना है कि यह कदम जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए उठाया गया है और प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए आगे भी ऐसे सख्त फैसले लिए जा सकते हैं।

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संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

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